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    थाईलैंड रेसलिंग चैंपियनशिप में सोनीपत के साहिल ने जीता गोल्ड:प्रवीण को सिल्वर; 100 से ज्यादा दंगल खेल चुका साहिल, जॉइंट इंजरी के बावजूद चमका

    6 months ago

    थाईलैंड में आयोजित इंटरनेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में सोनीपत के गांव रेवली के साहिल डागर ने गोल्ड मेडल जीतकर देश और जिले का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। वहीं सोनीपत के ही गांव सिटावली के प्रवीण ने सिल्वर मेडल हासिल किया। दोनों पहलवानों के सोनीपत लौटने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। साहिल डागर का परिवार एक साधारण किसान पृष्ठभूमि से है। उनके पिता खुद भी पहलवानी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इस खेल में आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने अपने दोनों बेटों को अखाड़े से जोड़ने की कोशिश की, हालांकि बड़े बेटे को हालात के कारण पीछे हटना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने छोटे बेटे साहिल को पूरा समर्थन दिया, जिसने अखाड़े में मेहनत से खुद को साबित करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। थाईलैंड में मिट्टी के दंगल में जीता गोल्ड यह इंटरनेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप हर साल वहां भारतीय मूल के लोगों द्वारा आयोजित की जाती है। इस बार भारत और थाईलैंड के कुल 65 पहलवानों ने इसमें भाग लिया, जिनमें भारत से 30 पहलवान शामिल थे। हरियाणा के सोनीपत जिले से साहिल डागर और प्रवीण ने भी शिरकत की। साहिल ने ओपन कुश्ती वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि प्रवीण ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। 100 से ज्यादा दंगल में भागीदारी कर चुका साहिल साहिल डागर ने साल 2020 से पहलवानी की शुरुआत की थी और वह कलीराम अखाड़े में नियमित अभ्यास करता है। वह अब तक हरियाणा, यूपी और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में 100 से ज्यादा दंगल लड़ चुका है और कई मुकाबले जीत भी चुका है। मिट्टी के दंगलों में उसकी पकड़ मजबूत रही है। जॉइंट इंजरी के बावजूद दिखाया जज्बा एक बार गांव पुरखास के एक दंगल के दौरान साहिल को कमर में जॉइंट इंजरी हो गई थी। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और थाईलैंड में जाकर शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह उसकी मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत का परिणाम है। लॉकडाउन में पिता ने निभाई थी बड़ी भूमिका कोरोना लॉकडाउन के दौरान साहिल के पिता ने उसके खानपान का विशेष ध्यान रखा। वे कई किलोमीटर दूर जाकर साहिल के लिए सुबह-शाम दूध लेकर आते थे ताकि उसके शरीर की ताकत बनी रहे। साहिल ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी कर चुका है और खेल के प्रति उसकी निष्ठा उसे आगे ले जा रही है।
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