Search

    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    चूरू में कांग्रेस की प्रेस वार्ता और कलेक्टर को ज्ञापन—कृषि, शिक्षा, बिजली, जल और कानून व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता

    6 months ago

    राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 26 जुलाई 2025 को चूरू जिला मुख्यालय पर प्रेस-वार्ता कर प्रदेश एवं स्थानीय क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों को लेकर जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुजानगढ़ विधायक श्री मनोज मेघवाल सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता साथ उपस्थित रहे।

    हमने जिन मुद्दों को प्रेस-वार्ता और ज्ञापन में रखा, वो निम्नानुसार हैं:-

    फसल बीमा में राज्य सरकार द्वारा चूरू जिले के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। खरीफ-2021 का फसल बीमा क्लेम जो क्रॉप कटिंग के आधार पर 750 करोड़ रू. बनता है, उस पर राज्य सरकार कोई एक्शन नहीं ले पा रही है। क्रॉप कटिंग के आधार पर बीमा क्लेम दिए जाने की स्वीकारोक्ति के बावजूद राज्य सरकार का उदासीन रवैया किसानों के साथ अन्याय है। इसी प्रकार खरीफ-2023 का बीमा क्लेम आज दिन तक बकाया है। बीमा कम्पनी की बेबुनियाद आपत्तियों को निस्तारण करने में राज्य सरकार ने 2 साल लगा दिए। एक तरफ तो किसानों से खरीफ-2025 खरीफ का प्रिमियम लिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पिछले कई सीजन का फसल बीमा क्लेम बकाया चल रहा है। योजना की गाइडलाइंस के मुताबिक देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान का प्रावधान है, लेकिन यहां तो किसान को उनके हक का मूल भी नहीं दिया जा रहा।

    चूरू संसदीय क्षेत्र सहित पूरे राजस्थान में डीएपी व यूरिया की किल्लत है। केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मांग से ज्यादा आपूर्ति राजस्थान को की गई है; जबकि धरातल पर किसान को एक बैग यूरिया के लिये भटकना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार इतनी बेपटरी हो चुकी है कि उसका यूरिया-डीएपी आपूर्ति पर बिल्कुल ध्यान नहीं है।

    स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर बड़े निवेश की आवश्यकता है। झालावाड़ की घटना सरकार और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की योजनाएं तो बड़ी-बड़ी घोषित कर दी जाती हैं, लेकिन बजट का प्रावधान है नहीं। समसा, PM-STARS और नाबार्ड के जरिए स्कूलों में कमरे निर्माण का प्रावधान है, लेकिन राज्य सरकार प्रस्ताव तक नहीं भेज पा रही। अकेले चूरू संसदीय क्षेत्र में 1800 से अधिक स्कूली कमरों के निर्माण की आवश्यकता है। कई स्कूलों के भवन मरम्मत के प्रस्ताव भिजवाए हुए 1 साल से ऊपर हो गया, लेकिन राज्य सरकार बिल्कुल उदासीन है। चूरू जिले के लोहसना बड़ा, गेडाप, मूंदीताल, अलायला व हड़ियाल के स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव पिछले एक साल से राज्य सरकार के पास लंबित पड़े हैं।

    परिसीमन के नाम पर शहरी निकायों में वार्डों और ग्राम पंचायतों को मापदण्डों के उलट जाकर तोड़ा-मरोड़ा गया। इसी का परिणाम है कि निकाय और पंचायत चुनाव अवधि पार होने के बावजूद नहीं हो पा रहे। राज्य में करीब 7 हजार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। पंचायती राज अधिनियमों के तहत 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने एवं रिक्त पदों पर 6 महीने में चुनाव कराना अनिवार्य है; लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव और संविधान की अवहेलना भाजपा सरकार का नया शासन बन गया है।

    स्मार्ट मीटर से आमजन भयभीत और चिंतित है। सरकार का पहला काम जनहितों को प्राथमिकता देना होता है, लेकिन स्थिति उलट दिखाई दे रही है। सुविधा के नाम पर जनता की जेब काटने का खेल चलने वाला नहीं है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। हमने जिला कलेक्टर महोदय को कहा है कि जब तक विभाग आमजन को यह भरोसा नहीं दिलाता कि स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से सही और जनहित में हैं; तब तक नए मीटर लगाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से रोका जाए। विद्युत विभाग की स्मार्ट मीटर से ज्यादा प्राथमिकता इस बात पर होनी चाहिए कि झूलते तारों और जर्जर हो चुके बिजली खंभों को दुरुस्त करें; क्योंकि अकेले चूरू जिले में 5 से अधिक अनमोल मनुष्य जीवन और कई बेजुबान जीव पिछले हफ्तों में इस खराब और उदासीन व्यवस्था के चलते अकाल मौत का शिकार हो गए। RDSS में 48000 ढ़ाणियों में स्थित घरों की स्वीकृति के कई महीने गुजरने के बावजूद राज्य सरकार धरातल पर कार्य शुरू नहीं कर पा रही है।

    जल जीवन मिशन में अधूरे कार्य के बावजूद पोर्टल पर गलत इंट्री तो विभाग के अधिकारी कर ही रहे हैं। साथ ही तारानगर क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि गंदी राजनीति करके पेयजल कनेक्शन किए जा रहे हैं। यह अत्यंत गंभीर मामला है, हमने जिला कलेक्टर महोदय को भी यह बात समझाई है और इसे लोकसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे।

    चूरू व सुजानगढ़ शहर में अमृत योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये से अधिक बजट का प्रावधान होने के बावजूद धरातल पर स्थिति बदहाल है। राजनीति से प्रेरित होकर विकास कार्यों को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है।

    इसी प्रकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है। आए दिन बड़े पैमाने पर चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही माफिया राज का आतंक हर रोज अखबारों की सुर्खियां बन रहा है।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    वार्ड 18 की समस्या को लेकर राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात, दिया कुमारी को अवगत कराया गया
    Next Article
    भाजपा चूरू की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं

    Related Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment