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    राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का मार्कशीट फर्जीवाड़ा:‘ओपन’ घपलों का खुला स्कूल; 3 साल में स्टूडेंट्स की डिटेल एडिट कर नए नाम से जारी कीं 50 से ज्यादा फर्जी मार्कशीट

    10 months ago

    प्रदेश के दामन पर भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के काले दाग अभी तक धुले भी नहीं कि अब राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में बड़ा घोटाला सामने आया है। साल 2019-20 में जारी हो चुकी दीपक नाम के स्टूडेंट की असली मार्कशीट डिटेल को 20 फरवरी 2025 को करेक्शन करके शालिनी के नाम से जारी करने का मामला सामने आया तो विभाग में हलचल मच गई। 24 जून को फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद आनन-फानन में सहायक निदेशक (अकादमी) उमेश कुमार शर्मा ने संविदाकर्मी राकेश कुमार शर्मा के खिलाफ बजाज नगर में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस और शिक्षा विभाग कछुआ चाल जांच में जुटे हैं। भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि एक नहीं 50 से ज्यादा मार्कशीट का फर्जीवाड़ा इसी तर्ज पर हुआ है। हैरत की बात है कि करेक्शन करते हुए स्टूडेंट्स के जेंडर तक बदल दिए। ध्रुव जैन (एनरोलमेंट नंबर 30023223320) को कोमल गहलोत व पंकज उदानिया (एनरोलमेंट नंबर 12281185072) को पारुल बाला बना दिया गया तो फिरदौस (एनरोलमेंट नंबर 2091223036) को रोहित की मार्कशीट जारी कर दी गई। बड़ा सवाल है कि मंत्री तक इस मामले की दो शिकायती फाइलें (00130/00061) पहुंच चुकी हैैं फिर भी किस दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही है? संविदाकर्मी की आईडी से घपला, शैक्षिक अधिकारी के आईडी-पासवर्ड भी चोरी एक छात्र की मार्कशीट में घपला सामने आने के बाद अधिकारियों ने पिछले 7 साल का डेटा डीओआईटी से मांगा। 88 स्टूडेंट की पहली लिस्ट में 50 से ज्यादा छात्रों में पाया कि इनके नाम, माता–पिता के नाम, जन्मतिथि और फोटो बदल दिए गए हैं। हालांकि इनके हस्ताक्षर नहीं बदल पाए। इसी के आधार पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इनमें ज्यादातर एनरोलमेंट नंबर 2017 से 2022 के हैं। आरोपी राकेश की एसएसओ आईडी आरकेएस 4161 से ज्यादातर करेक्शन किए गए। पिछले सालों के आवेदन में संशोधन कैसे, जांच जारी एसएसओ आईडी से चालू सत्र में ही संशोधन सं‍भव है। पिछले सालों के संशोधन छात्र सहायता सेवा अनुभाग द्वारा असली आवेदन पत्र के साथ लगे दस्तावेजों के आधार पर किए जाते थे। पिछले सालों के व्यक्तिगत विवरण में संशोधन का एक्सेस अकादमी अनुभाग में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी लिपिक को किसने दिया, इसकी भी जांच की जा रही है। अंकों में हेरफेर और री–वैल्यूएशन का खेल भी सवाल : किससे दबाव में फर्जीवाड़े की जांच पूरी नहीं हो पा रही है? "हमने एफआईआर करवाई है। ऐसे और मामले हैं तो मैं दिखवाऊंगा। फाइल अभी मुझ तक नहीं आई है। पहुंचेगी तो कार्रवाई करूंगा। मैं किसी को छोड़ता नहीं हूं।" -मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री
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