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    नीलकंठ महादेव 21 हजार लीटर गंगाजल से होगा अभिषेक:चित्तौड़गढ़ दुर्ग तक निकाली जाएगी कलश यात्रा; सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक में जुटेंगे शहरवासी

    10 months ago

    चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित प्रसिद्ध श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में भगवान शिव का भव्य सहस्त्र धारा महा रुद्राभिषेक किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन 8 अगस्त को बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाएगा। इस दिन सुबह 8:15 बजे चित्तौड़गढ़ के रामपोल चौक से गंगाजल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो दुर्ग के ऊपर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचेगी। इस यात्रा में भक्त गंगाजल से भरे कलश सिर पर लेकर भगवान शिव के जयकारों के साथ मंदिर तक जाएंगे। नीलकंठ महादेव मंदिर में पहुंचने के बाद, सुबह 10:15 बजे भगवान भोलेनाथ का महा रुद्राभिषेक 21000 लीटर गंगाजल से किया जाएगा। यह सहस्त्र धारा रुद्राभिषेक बहुत ही खास विधि से किया जाएगा, जिसमें एक साथ हजारों धाराओं से शिवलिंग का अभिषेक होगा। मंदिर के महंत जगन्नाथ भारती महाराज ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ महादेव वही शिवलिंग हैं, जिन्हें महाभारत काल में पांडवों के अज्ञातवास के दौरान भीम ने स्थापित किया था। भीम भगवान शिव के परम भक्त थे, इसलिए उन्होंने चित्तौड़गढ़ के इस दुर्ग की पहाड़ियों पर शिवलिंग की स्थापना की थी। इस मंदिर की मान्यता बहुत ही पुरानी और गहरी है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसलिए नीलकंठ महादेव के दर्शन और पूजन के लिए चित्तौड़गढ़ जिले के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं। खासकर सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। महंत जगन्नाथ भारती महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस गंगाजल कलश यात्रा और सहस्त्र धारा रुद्राभिषेक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लें और भगवान भोलेनाथ की कृपा पाएं। रुद्राभिषेक के बाद भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा।
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