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    सनातन के साधक, जनजन के प्रेरक – श्री उपेन्द्र पाण्डिया जी को नमन

    9 months ago

    यह लिखते हुए मेरे हृदय में अपार हर्ष और दिव्य आनंद की अनुभूति हो रही है कि मेरे अपने राजगढ़ की पुण्य भूमि से ही एक ऐसा यशस्वी सनातनी उदित हुआ है — अखण्ड ज्योत साधक, चमत्कारी खेजड़ी बालाजी धाम नरवासी के तपस्वी सेवक, समर्तिशेष वेटनरी डॉक्टर श्री रामजीलाल जी पाण्डिया के सुपुत्र — श्री उपेन्द्र पाण्डिया जी।

    पाण्डिया जी केवल बजरंगबली की अखण्ड ज्योत के उपासक ही नहीं, बल्कि मारवाड़ी भाषा में गूढ़ तत्वों को सरलता से प्रस्तुत करने वाले ओजस्वी कथावाचक व मन मोह लेने वाले भजन गायक भी हैं।

    श्रावण मास के आगमन के साथ ही उनकी निज जन्मस्थली नरवासी गांव स्थित चमत्कारी खेजड़ी बालाजी धाम पर कठिन तपस्या का जो क्रम आरंभ होता है, वह पूरे क्षेत्र को एक दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।

    • उनके गाँव में चरण पड़ते ही इन्द्रदेव का प्रबल वर्षा करना

    • शनिवार और मंगलवार की अद्भुत ज्योत आरती

    • आरती के समय प्रभु धाम में उपस्थित दिव्य वातावरण

    • और फेसबुक पर उनकी तपस्या व लाइव आरती के दृश्य देखकर आत्मा तक तृप्त हो जाना

    इस वर्ष दुर्भाग्यवश स्वास्थ्य कारणवश मैं वहाँ उपस्थित नहीं हो सका, किंतु बीते वर्षों में जब वहाँ पहुँचा, तब उस धाम की पावन भूमि पर मुझे सचमुच दैवीय शक्ति का अनुभव हुआ। वहाँ कुछ समय व्यतीत करते ही भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगा।

    श्री पाण्डिया जी की विनम्रता और सेवा भावना का यह आलम है कि राजगढ़ से जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के स्वागत में वे अपने भावों की पलक-पांवड़े बिछा देते हैं। उनके स्नेह और सत्कार से हृदय भर आता है।

    मैं समस्त सनातनी बंधु-भगिनियों से आग्रह करता हूँ कि कभी भी शनिवार या मंगलवार की संध्या, रात 8 बजे आरंभ होने वाली ज्योत आरती में अवश्य सम्मिलित हों। चमत्कारी श्री बालाजी महाराज की ज्योत आरती का साक्षात् दर्शन कर, उनके चरणों में शीश नवाकर आत्मा को परम शांति व आशीर्वाद से भरें।

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