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    प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2022:अर्थशास्त्र का लीक पेपर 15 से 20 लाख रुपए में खरीदा था, कोचिंग संचालकों के साक्ष्य मिले, पूछताछ में और खुलासे होंगे

    6 months ago

    प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2022 के अर्थशास्त्र विषय के लीक पेपर काे पढ़कर परीक्षा में चयन हाेने वाले 4 प्राध्यापकों काे एसओजी ने शनिवार काे पकड़ा था। इनसे पूछताछ में कई खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने 15 से 20 लाख रुपए में पेपर खरीदा था। अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा 15 अक्टूबर 2022 काे हुई थी, जिसमें 6 हजार अभ्यर्थी बैठे थे। परीक्षा का पेपर 15 अक्टूबर से पहले ही लीक हाे गया था। गिरफ्तार चाराें आरोपी सरकारी विद्यालयों में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने परीक्षा से पूर्व लीक प्रश्न पत्र का लाभ उठाकर नियुक्ति प्राप्त की थी। एसओजी के अनुसार, रोशन बांगड़वा व वैदेही मीणा ने जयपुर में, जबकि ओमप्रकाश व पदमा ने जोधपुर में परीक्षा से पहले लीक पेपर पढ़ा था। इन सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। एसओजी की पूछताछ में ही 15 से 20 लाख रुपए देकर पेपर खरीदने की बात सामने आ रही है। चारों आरोपी 14 जुलाई तक पूछताछ के लिए रिमांड पर है। इस मामले की आरपीएससी ने अजमेर ने सिविल लाइंस थाने में प्रकरण दर्ज करवाया था, जिसकी जांच एसओजी कर रही है। सामान्य ज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी के पेपर लीक वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा 2022 के सामान्य ज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी और शैक्षणिक मनोविज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। इस मामले में कोचिंग संचालक, दलाल और परीक्षा केंद्रों के परिवीक्षक भी शामिल थे। मामले में कोचिंग सेंटर संचालकों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई, चयनित प्राध्यापक ही पकड़े गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और झुंझुनूं से जुड़े संदिग्ध कोचिंग संचालक शामिल हैं। हाल ही में पकड़े गए प्राध्यापकों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। कॉल डिटेल्स व बैंक ट्रांजेक्शन भी जुटाए एसओजी के अनुसार, रोशन बांगड़वा व वैदेही मीणा ने जयपुर में, जबकि ओमप्रकाश व पदमा ने जोधपुर में परीक्षा से पहले अर्थशास्त्र का लीक पेपर पढ़ाया था। इन सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। एसओजी ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स व बैंक ट्रांजेक्शन जुटाए हैं।
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