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    पाकिस्तानी एजेंट DRDO अधिकारी बनकर कॉल करता था:ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी गेस्ट हाउस मैनेजर के कॉन्टैक्ट में रहा; कौन-कौन आया, इसकी लिस्ट मंगवाता था

    1 year ago

    जासूसी के शक में पकड़ा गया रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) गेस्ट हाउस के मैनेजर को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाक एजेंट ने कॉन्टैक्ट किया था। पाक एजेंट फर्जी डीआरडीओ का अधिकारी बन गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद से कॉन्टैक्ट करता था। 4 अगस्त की रात को जैसलमेर में DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद को जासूसी के शक में हिरासत में लिया गया था। आरोपी पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के गेस्ट हाउस में पोस्टेड है। सूत्रों के अनुसार, महेंद्र साल 2020 से इस पाक एजेंट के कॉन्टैक्ट में था। पाक एजेंट फोन कर हर बार इस गेस्ट हाउस में आने वाले अधिकारियों की लिस्ट वॉट्सऐप पर मंगवाता था। महेंद्र को 5 अगस्त को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल उसे जॉइंट इंटेरोगेशन कमेटी (JIC) भेजा गया। अब वहां सभी सुरक्षा एजेंसियां महेंद्र से कड़ाई से पूछताछ कर सकेंगी। सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पास से 2 फोन बरामद किए हैं। आरोप है कि महेंद्र ने कई महत्वपूर्ण जानकारी पाक एजेंट को दी है। साल 2020 में पहला फोन आया, पाक एजेंट ने खुद को बताया डीआरडीओ का अधिकारी महेंद्र साल 2018 से गेस्ट हाउस में मैनेजर के पद पर है। वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला है। साल 2020 में उसके पास पहला कॉल आया था। जिस पाक एजेंट ने उसे कॉल किया, उसने अपने आप को डीआरडीओ का अधिकारी बताया। शुरुआत में फर्जी अधिकारी ने गेस्ट हाउस से जुड़ी जानकारी ली और महेंद्र का हालचाल पूछकर फोन रख दिया था। इसके बाद लगातार उसके पास फोन आते रहे। दूसरी बार जब कॉल आया तो गेस्ट हाउस में रुकने वाले अधिकारियों के बारे में जानकारी ली और महेंद्र को लिस्ट शेयर करने के लिए कहा गया। महेंद्र ने जब लिस्ट शेयर की तो उसके बाद पाक एजेंट के लगातार कॉल आते रहे। बताया जा रहा है कि वह सेना के अधिकारी, रेंज में परीक्षण के दौरान आने वाले वैज्ञानिक व DRDO के विशेषज्ञों के आने की जानकारी महेंद्र उस फर्जी अधिकारी को देता रहा। सेना के परीक्षण आदि की जानकारी भी भेजी इस दौरान रेंज में आयोजित होने वाले हथियारों के परीक्षण, मिसाइल परीक्षण, युद्धाभ्यास आदि की जानकारी भी पाकिस्तान का एजेंट महेंद्र से लेता रहा। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी फर्जी अधिकारी कॉन्टैक्ट में था। वह महेंद्र से चल रहे घटनाक्रम आदि की जानकारियां ली थी, जो काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थीं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में ये स्पष्ट हो पाएगा कि महेंद्र ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस तरह की जानकारी शेयर की थी। DRDO अधिकारी बनकर भारतीय नंबरों से किया कॉल बताया जा रहा है कि महेंद्र को फोन भारतीय नंबर से ही आए और साथ ही TRUECALLER ऐप में भी वो नंबर DRDO के नाम से बताए जा रहे थे। ऐसे में महेंद्र को कोई शक भी नहीं है। चूंकि महेंद्र दूसरे राज्य का था तो उसे इस बॉर्डर इलाके की संवेदनशीलता और लोगों को पाकिस्तान से फर्जी कॉल आने आदि की जानकारी नहीं थी। फोन करने वाले ने उसको अधिकारी बनकर ही फोन किए, इसलिए उसे लगा कोई उसका अधिकारी ही जानकारी ले रहा है तो वो जो भी उसके पास जानकारी होती वो उससे साझा कर लेता। स्टाफ ने अधिकारियों को बताया ये पूरा मामला साल 2020 से चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, हाल में जिले में हुए सेना के परीक्षण के दौरान भी पाक एजेंट ने फर्जी डीआरडीओ का अधिकारी बन महेंद्र को कॉल किया था। इस परीक्षण के दौरान महेंद्र के पास पाक एजेंट का कॉल आया और यहां के गेस्ट हाउस में रुकने वाले अधिकारियों के बारे में जानकारी मांगी। इस पर महेंद्र ने स्टाफ को कॉल कर कहा कि गेस्ट में कौन-कौन रुके है, इसकी लिस्ट उसे शेयर कर दे। जब स्टाफ को शक हुआ तो उन्होंने महेंद्र से नंबर मांगे और इसके बारे में डीआरडीओ के दूसरे अधिकारियों को बताया। जब डीआरडीओ के अधिकारियों ने महेंद्र के पास आए कॉल वाले नंबर को वेरिफाई किया तो पता चला कि वह फर्जी अधिकारी बनकर कॉल कर रहा था। मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इसके बारे में बताया गया, जिसके बाद 4 अगस्त की रात उसे हिरासत में लिया गया। ठेके पर है गेस्ट हाउस इस मामले में एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- फायरिंग रेंज में स्थित DRDO का गेस्ट हाउस सरकारी है, लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी उसमें काम करते है। हम ठेकेदार व कर्मचारियों की जांच भी कर रहे हैं। इन सभी का पुलिस वेरिफिकेशन और जांच की जाएगी। महेंद्र के पास मिले 2 मोबाइल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सबसे लंबी 1070 किलोमीटर लंबी सीमा राजस्थान से, इसलिए ISI एक्टिव राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्र जासूसों की रडार पर रहते हैं, क्योंकि पाकिस्तान की सबसे लंबी 1070 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। तीन बड़े एयरबेस हैं और कई सैन्य ठिकाने। पाक खुफिया एजेंसी का टारगेट होता है कि सीमावर्ती क्षेत्र की हर छोटी से छोटी इन्फॉर्मेशन किसी भी तरीके से हासिल हो। श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट से लेकर बाड़मेर के बाखासर तक भारतीय खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर रहती हैं। जासूस इन क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों से शेयर करते पकड़े गए हैं। --- राजस्थान से जासूसी करने वाले की यह खबर भी पढ़िए... जासूसी के शक में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर को पकड़ा:यहां रुकते हैं इंडिया के बड़े रक्षा विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और सैन्य अधिकारी जैसलमेर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के गेस्ट हाउस मैनेजर को जासूसी के शक में हिरासत में लिया गया है। आरोपी महेंद्र प्रसाद पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के गेस्ट हाउस में पोस्टेड है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
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