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    केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात में चूरू के किसानों के मुद्दे उठाए: फसल बीमा क्लेम, यूरिया संकट और टैगिंग पर प्रमुख चर्चा

    9 months ago

    केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर सांसद ने चूरू संसदीय क्षेत्र और राजस्थान के किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

    यूरिया की किल्लत:
    राजस्थान में खरीफ फसलों के लिए यूरिया की भारी मांग के बावजूद सप्लाई में भारी कमी है। सांसद ने किसानों की परेशानी को देखते हुए मांग के अनुरूप तत्काल यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग की।

    नैनो यूरिया टैगिंग पर आपत्ति:
    इफको सहित कई कंपनियों द्वारा यूरिया व डीएपी बैग के साथ नैनो यूरिया/नैनो डीएपी टैगिंग की जा रही है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सांसद ने इसे बंद करने की मांग की।

    फसल बीमा क्लेम में देरी:
    चूरू क्षेत्र के खरीफ-2021, खरीफ-2023, रबी-2022/23 और रबी-2023/24 के बीमा क्लेम आज तक लंबित हैं। बीमा कंपनियाँ बेबुनियाद आपत्तियाँ लगाकर किसानों का हक छीन रही हैं, और राज्य सरकार निस्तारण को लेकर गंभीर नहीं है।

    STAC और NTAC के स्तर पर लंबित फाइलें:
    खरीफ-2021 के लगभग ₹750 करोड़ के क्लेम में से मात्र ₹250 करोड़ जारी हुए हैं। शेष क्लेम NTAC में लंबित हैं, जिसके शीघ्र समाधान की मांग की गई।

    राज्य सरकार द्वारा गलत आँकड़े:
    सांसद ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र को गलत आँकड़े भेजे गए हैं, जिससे संसद में गलत जानकारी प्रस्तुत हुई।

    सार:
    यह मुलाकात किसानों के हक की आवाज को केंद्र तक पहुँचाने का प्रयास थी। सांसद ने मांग की कि सभी लंबित फसल बीमा क्लेम तत्काल ब्याज सहित जारी किए जाएं, टैगिंग नीति में सुधार हो, और किसानों को राहत देने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय से ठोस कदम उठाए जाएं।

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